केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप से अन्ना हजारे दुखी, मनोज तिवारी बोले- ये तो गवाही है

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kapil_new_760_1494157807_749x421दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर AAP नेता कपिल मिश्रा ने भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है. शनिवार को मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद कपिल मिश्रा ने आज केजरीवाल पर सत्येंद्र जैन से 2 करोड़ रुपये घूस लेने का आरोप जड़ दिया है. जिससे दिल्ली की सियासत गर्म हो गई है. केजरीवाल में लगे आरोप से सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भी दुखी हैं.

 अन्ना हजारे बेहद दुखी
‘आज तक’ से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा कि टीवी पर केजरीवाल से जु़ड़ी भ्रष्टाचार की खबरें देखकर वो बेहद दुखी हैं. इस मामले में वो पहले पूरी जानकारी लेंगे उसके बाद ही कोई राय देंगे. अन्ना का कहना है कि केजरीवाल भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़कर ही मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि भरोसा तो उनका उसी दिन टूट गया था जब केजरीवाल के मंत्रियों पर तमाम तरह के संगीन आरोप लग रहे थे और उन्हें इस्तीफा तक देना पड़ रहा था.

बता दें, दिल्ली के जंतर-मंतर पर अन्ना का भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से ही केजरीवाल उभर कर सामने आए थे. जिसके बाद केजरीवाल की अगुवाई में राजनीतिक पार्टी बनाई गई और दिल्ली की सत्ता तक पहुंची है.

ये आरोप नहीं, गवाही है…
केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप से विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दा हाथ लग गया है. क्योंकि केजरीवाल तमाम पार्टियों के नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहते हैं. ऐसे में अगर AAP के नेता ही अगर केजरीवाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हैं तो फिर विपक्ष का हमलावर होना लाजिमी है. दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कपिल मिश्रा के बयान को आरोप नहीं गवाही करार दिया. उन्होंने कहा कि आरोप तो विपक्ष लगाता है और लगाते आए हैं. लेकिन जो कपिल मिश्रा कह रहे हैं वो सीधा-सीधा भ्रष्टाचार को लेकर केजरीवाल के खिलाफ गवाही है. इसलिए केजरीवाल को मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.

केजरीवाल से सफाई की मांग
वहीं दिल्ली से बीजेपी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाया है कि उन्होंने कहा, ‘केजरीवाल जी छोटी-छोटी बात पर बोलते हैं फिर अभी तक चुप क्यों हैं? लोगों के सामने आएं’. विजेंद्र गुप्ता की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उप-राज्यपाल से एक विशेष जांच टीम बनाकर मामले की जांच करने की अपील की गई है. गुप्ता का कहना है कि कपिल मिश्रा को इस कथित घोटाले की तफ्सील जनता के सामने रखनी चाहिए. साथ ही सत्येंद्र जैन की बेनामी संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए.

केजरीवाल के बचाव में सिसोदिया
हालांकि केजरीवाल पर लगे आरोपों को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के आरोप बेबुनियाद हैं. अपने ही मंत्री से पैसे लेने के आरोप पर कोई विश्वास नहीं करेगा. इस आरोप का कोई आधार नहीं है. सिसोदिया ने कहा कि गौर करने वाली बात है कि कपिल मिश्रा ने मंत्री पद से हटाए जाने के बाद आरोप लगाया है. कपिल मिश्रा ने मंत्री सत्येंद्र जैन पर केजरीवाल के एक रिश्तेदार की 50 करोड़ रुपये के एक जमीन के सौदे में मदद करने का आरोप भी लगाया.

कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि केंद्र, भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो और सीबीआई को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और केजरीवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए.

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